16 HOURS STUDY!16 घंटे पढाई!

16 HOURS STUDY !16 घंटे पढाई !

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नमस्कार दोस्तों, जब मुझसे कोई कहता है कि मुझे 15-16 HOURS STUDY करनी है जिससे मैं परीक्षा को पास कर सकूं तो मुझे बड़ी हंसी आती है। अब आप सोच रहे होंगे कि इसमें हंसने वाली बात कहां है। मित्र जब आप 15-16 घंटे स्टडी की बात कर रहे हैं तो उसमें कुछ PRACTICAL LOGIC भी तो होना चाहिए | किसी भी इंसान का यह बोलना कि 15-16 घंटे पढ़ाई करनी है तो अपने आप में बेवकूफी है। आज के इस ब्लॉग में इसी टॉपिक पर चर्चा होगी कि 15-16 घंटे स्टडी करना कितना जरूरी है।

Is 16 hours Study okay?

ज्यादातर माता-पिता को technical और logical way में पता ही नहीं होता कि वास्तव में study होती क्या है। उनको बस हर वक्त अपने बच्चे को पढ़ते हुए देखने की चाह होती है बिना यह जाने कि ऐसे वास्तव में संभव ही नहीं है। उनके पास बस सुनी सुनाई बातें होती है कि लोग बत्ती जला कर 14-14 घंटे पढ़ाई करते थे। मैं इस बात पर question नहीं उठा रहा कि लोग इतना पढ़ते नहीं है परंतु इसके पीछे की वास्तविकता क्या है यह सभी को जानना जरूरी है। आज हमारे दिमाग पर ढेर सारी practical research की गई कि हमारा दिमाग कितनी देर तक पूरी क्षमता से काम करता है। आप अगर शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों के उत्कृष्ट लोगों के इंटरव्यू देखोगे तो समझ आएगा कि 5 से 7 घंटे की पढ़ाई अधिकतम उपयोगी होती है। ऐसे में अगर आप जबरदस्ती 14 से 16 घंटे पढ़ने की कोशिश करोगे तो आप के दिमाग पर एक अनावश्यक दबाव बन जाएगा जिससे दिमाग की productivity बढ़ने की वजह कम हो जाएगी।।

Highly productive hours-

अगर आपने किसी काम या पढ़ाई का निर्णय लिया है तो सिर्फ लंबे समय तक गधों की तरह मेहनत नहीं करनी है। किसी भी काम की productivity को बढ़ाने के लिए समय के साथ कुछ tactics भी जरूरत होती है। आपकी पढ़ाई अच्छे तरीके से हो इसके लिए आपको एक अच्छी planning के बारे में भी सोचना चाहिए। कितनी देर पढ़ना है यह है उतना मायने नहीं रखता जितना कि कैसे पढ़ना है यह मायने रखता है। 14 घंटे बेवकूफ की तरह मेहनत करना उतना productive नहीं है जितना कि अच्छी planning के साथ 6-7 घंटे पढ़ना। मानव विज्ञान भी यह मानता है कि बिना दिमाग को आराम दिए 14 से 16 घंटे पढ़ाई करना कोई मतलब ही नहीं रखता , क्योंकि वास्तविक पढ़ाई के 6-7 घंटे में ही दिमाग थक जाता है। इससे ज्यादा matter consume करने पर confusion पैदा होता है| हमें घंटे पर नहीं बल्कि productivity पर ध्यान केंद्रित करना है।

Relaxations and other activities-

कहने को तो मानव मस्तिष्क की अपार संभावनाएं होती हैं परंतु हमारा दिमाग फिलहाल कितना क्षमता रखता है यह ध्यान में रखना जरूरी है। हमारे दिमाग का सबसे अच्छा भोजन ऑक्सीजन होती है। दिमाग में अधिक ऑक्सीजन के लिए अधिक रक्त संचार बहुत जरूरी होता है। इसके लिए आपको नित्य योगा अथवा व्यायाम भी जरूरी है। लगातार एक जैसी सूचना एकत्रित करने से हमारे दिमाग की cells थक जाती है जिसके लिए बीच-बीच में विराम लेना और अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। दिमाग में जरूरत से ज्यादा तनाव ना हो इसलिए मनोरंजन करना भी महत्वपूर्ण है। आपके 14-15 घंटे तक पढ़ने के लिए बैठ ना कोई मतलब नहीं रखता, क्योंकि आपका दिमाग पूरी क्षमता से काम ही नहीं कर रहा होगा।

Conclusion of the topic-

अगर आपके माता पिता आप पर 14-15 घंटे पढ़ाई का दबाव डालते हैं तो आपको तुरंत execute नहीं करना है। पहले आपको उनको practically चीजें समझानी है। अगर आपके माता-पिता तानाशाही प्रकार के हैं तो उनको ignore करना है और सीधा आउटपुट दिखाना है। उनको साबित करना है कि मैं 14 घंटे का काम काम 7 घंटे में कर रहा हूं। आपको घंटों पढ़ने की कहानियों और nonsense टिप्पणियों पर ध्यान नहीं लगाना है। अपनी क्षमता के अनुसार एक productive framework बनाना है और उसे Execute करना है।

Thanks

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