सरकारी नौकरी की तैयारी और साथ में घर की जिम्मेदारियां कैसे निभाएं ? How To Prepare For Government Job With Responsibilities?

नमस्कार दोस्तों,

How To Prepare For Government Job With Responsibilities:- आप में से बहुत सारे लोग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे होंगे । इस खास Blog में हम बात करने वाले हैं उन समस्याओं की जो अक्सर सरकारी नौकरी की तैयारी करते वक्त युवा महसूस करते हैं ।
अगर आपके पास भी कोई ऐसा इंसान है जो घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है और उससे अपने आप पर विश्वास नहीं है कि वह पास होगा या फिर नहीं होगा तो आप इस ब्लॉग को उनके साथ जरूर शेयर करें । ऐसे में अक्सर इंसान को लगने लगता है क्या वह है जिस काम को कर रहा है अर्थात सरकारी नौकरी के लिए काबिल है या नहीं है।

दोस्तों आपके पास घर का बहुत अधिक काम रहता है । घर की विशेष जिम्मेदारियों की वजह से आपको 6-7 घंटे ही पढ़ पाते हैं । आपको महसूस होने लगता है कि मैं जितना समय पढ़ाई के लिए दे रहा हूं उससे सफल हो पाऊंगा या फिर नहीं । विचार आता है कि मेरी तरह और भी विद्यार्थी होंगे जो 10-10 घंटे की पढ़ाई कर रहे होंगे तो फिर मैं उनसे आगे कैसे निकलूंगा ? काफी समय तक सफलता न मिलने पर आपके घर वाले आपकी कुंडली में होने वाले दोष को इसका कारण मानने लगते हैं या फिर उनका आप पर से विश्वास उठने लगता है । आप से लोगों ने बहुत सारी उम्मीदें लगाई हुई है,और आप उनको किसी भी हालत में तोड़ना नहीं चाहते है ।

चलिए दोस्तों इन समस्याओं पर हम बात करते हैं –

1. अपनी मेहनत और ईमानदारी की तुलना लोगों से करना –

➲ दोस्तों आपके मन में जब खुद को लेकर शक पैदा हो जाता है कि मैं और लोगों से प्रतियोगिता में आगे निकल पाऊंगा या नहीं निकल पाऊंगा तो यह एक बहुत बड़ी समस्या बन जाती है । आपको लगने लगता है कि लोग मेरे से 3 गुना ज्यादा मेहनत कर रहे हैं और अधिक इंटेलिजेंट है ।
➲ दोस्त प्रतियोगी परीक्षाओं की बात करें तो उनके अंदर बहुत अधिक uncertainty होती है । ऐसे में उस लक्ष्य तक पहुंचने में आपका Self Belive ही आप का एकमात्र साथी होता है । अगर आपके अंदर आत्मविश्वास ही नहीं है तो आपको प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है । प्रतियोगी परीक्षा में पास होने का सबसे प्रथम कदम ही आत्मविश्वास है । अगर आपके पास वही नहीं है तो आप कैसे सफल होंगे । यह बात आप भी अच्छे से जानते हैं कि 15-15 घंटे पढ़ाई करने वाले लोगों का सिलेक्शन नहीं हो पाता और 6 से 8 घंटे पढ़ने वाले लोग टॉप रैंकर बन जाते हैं । महत्व आपके 6 या फिर 15 घंटे पढ़ने का नहीं है,बल्कि आप किस फोकस के साथ उस टाइम को मैनेज कर पाते हैं,यह अत्यधिक महत्व रखता है । केवल ज्यादा समय तक पढ़ाई करना आपको काबिल नहीं बनाता बल्कि आप पेपर में आने वाले सवालों को कितना समझ पाते हैं यह ज्यादा बेहतर होता है । आपको समझ होनी चाहिए कि एक पेपर बनाने वाला किस तरह सोचता है और वह किस टॉपिक को परीक्षा में दे सकता है । आपका यह सोचना कि दूसरे विद्यार्थी इंटेलिजेंट हैं और मैं एवरेज हूं, मैं उनसे पीछे रह जाऊंगा यह बिल्कुल ही गलत मानसिकता है । आपको इस मानसिकता से बाहर आना होगा और अपने आत्मविश्वास और अपनी बुद्धि पर यकीन करना होगा ।

2. जिम्मेदारियों को साथ लेकर चलना –

दोस्तो आपको लगता है कि आपके हिस्से में जिम्मेदारियां हैं और आप अपनी पढ़ाई को ज्यादा वक्त नहीं दे पा रहे, तो मैं आपको बता दूं मैंने ऐसे लोगों को देखा है जिनके पास कोई जिम्मेदारी नहीं होती और वह तब भी सिर्फ 2 घंटे ही पढ़ते हैं ‌। मैंने ऐसे लोगों को भी देखा है जिन पर कोई जिम्मेदारी नहीं होती और वह 15 घंटे पढ़ने के बावजूद भी प्रतियोगी परीक्षा में फेल हो जाते हैं । वही लोग अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाते हुए 6 से 7 घंटे की पढ़ाई करते हैं और सफल भी हो जाते हैं । आप समझ गए होंगे मेहनत कितनी देर की गई इससे ज्यादा यह मायने रखता है कि मेहनत कितनी ईमानदारी और लगन से की गई ‌। कई बार हमारे हाथ में परिस्थितियों को बदलना नहीं होता है, बल्कि उस वक्त हमें परिस्थितियों के अनुसार अधिकतम क्षमता के साथ अपनी मेहनत पर ध्यान देना होता है । हमारे दिमाग की भी एक सीमा होती है जिसके बाद यह फोकस नहीं कर पाता है । अगर हम वादे पूरे फोकस के साथ 6 घंटे पढ़ाई करते हैं तो यह उन लोगों से काफी बेहतर है जो बिना फोकस के 15-15 घंटे की पढ़ाई करते हैं ।

3. Plan B कितना कारगर है ?

➲ दोस्तों जो लोग अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित है और सफल होने की संभावना अत्यधिक है और लोगों को‌ Plan B से बाहर करते हैं। हम सामान्य लोगों की बात करते हैं कि उनको Plan B क्यों रखना चाहिए ?
➲ दोस्तों अगर आपका Plan B होता है तो अपने लक्ष्य पर काम करते हुए आपके अंदर डर और घबराहट की संभावना बहुत कम हो जाती है । ऐसा करने पर हमारे अंदर चिंता की जगह आत्मविश्वास आता है और लगता है पूरी मेहनत करने के बावजूद भी अगर मुझे किसी कारणवश कुछ नहीं मिला तो मेरे पास Plan B है,जिससे मैं विपरीत परिस्थितियों में भी अपने जीवन को चला सकता हूं । Plan B उस वक्त मुझे संभाल लेगा जब मेरे अचानक से खाई में गिरने की परिस्थिति उत्पन्न हो जाएगी । अपने झोले में कुछ खाने की वस्तुएं जरूर रखें,क्योंकि अगर मंजिल पर बढ़ते हुए आपको भूखा ना रहना पड़े। अपनी पढ़ाई के साथ कुछ ऐसा ज्ञान अर्जित करने की कोशिश जरूर करें जो सरकारी नौकरी ना होने की परिस्थिति में आपके जीवन को संभाल सके ।

4. जरूरत पड़ने पर फैसलों को बदलना –

दोस्तों जीवन में जब भी आप लक्ष्य तय करते हैं तो उसके लिए Time Frame जरूर निर्धारित करें । आपको अगर 1 साल में एक से 10 तक पहुंचना है और 8 महीने होने पर आप 1 से 3 तक ही पहुंचे तो यह चीज आपको समझ आ जानी चाहिए कि आप उसके लिए नहीं बने हैं। ऐसी परिस्थिति में आप को अपना फैसला बदलना पड़ेगा और किसी अन्य क्षेत्र में प्रयास करना होगा नहीं तो आप अपना कीमती समय गवा देंगे । आपको अपनी मेहनत के लिए समय की कुर्बानी नहीं देनी है बल्कि एक समय रखा तय करके उसके लिए मेहनत की कुर्बानी देनी है । अगर आपके सशक्त प्रयासों के बावजूद भी आप लक्ष्य के नजदीक नहीं पहुंच नहीं पा रहे हैं और संभावनाएं बहुत कम है तो आज ही आपको यह लक्ष्य त्यागना होगा वरना आपका जीवन बर्बाद हो जाएगा ।

5. कुंडली में दोष होने जैसी मान्यताओं का महत्व –

➲ दोस्तों जिन धार्मिक ग्रंथों से आप कुंडली के दोष में यकीन करते हैं तो फिर आपको उन धार्मिक ग्रंथों की बात पर भी यकीन होना चाहिए जो कर्म योगी बनने का उपदेश देते हैं। अगर आप बिना कर्म के कुंडली में विश्वास करते हैं और जीवन में कोई सफलता नहीं मिलती तो यह आपकी जिम्मेदारी है वहीं अगर आप अपने कर्म में विश्वास रखते हैं और लगन से मेहनत करते हैं, सफलता मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इस प्रकृति ने हमें ऊर्जा दी है, शक्ति दी है और जरूरी ज्ञान भी दिया है । अगर हम इन चीजों का इस्तेमाल किए बिना ही कुंडली पर भरोसा कर बैठे रहते हैं तो इसमें आप की सबसे बड़ी मूर्खता है। बुरी से बुरी परिस्थितियों में भी आपके पास चुनाव करने की आजादी होती है फिर आप सही रास्ता चुनें या फिर गलत रास्ता,यह आप ही तय करते हैं कोई कुंडली नहीं।
➲ मुझे एक चीज समझ नहीं आती कि हम अक्सर ऐसी चीजों में कम संभावना वाली चीजों को ही क्यों चुनते हैं अर्थात कुंडली पर विश्वास करने से हमारे सफल होने की संभावना लगभग जीरो होती है,परंतु अगर हम थोड़ी बहुत मेहनत करते हैं तो वहां पर एक या 2% संभावना होती है कि हम सफल हो जाए,उसके बावजूद भी हम कुंडली को चुनते हैं। इससे बड़ी मूर्खता हो ही नहीं सकती ।

6. उम्मीदों का दबाव –

सीधे अर्थों में कहा जाए तो उम्मीद है हमारे मोटिवेशन को, हमारे फोकस को, अरे व्यक्तित्व को मारने का काम करती हैं । उम्मीद है उस भोज की तरह होती है जिसमें जिम्मेदारी का नामोनिशान नहीं होता है। अब आप पूरी इमानदारी से और फोकस के साथ कठिन मेहनत कर रहे हो, जरूरी निर्णय लेकर आवश्यक कदम उठा रहे हो, परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रहे हो तो आपको उम्मीद करने की आवश्यकता ही कहां है। आप एक जिंदा इंसान हो, कर्म में विश्वास करने वाले कर्मयोगी हो, आपके हाथ पैर सही सलामत है,ऐसे में आप अपने माता-पिता के प्रति सभी जिम्मेदारियों को निभा सकते हो। जो काम वर्तमान परिस्थितियों में संभव ही नहीं है उसके बारे में सोच कर आपकी उर्जा व्यर्थ ही जाएगी और आप डर के नीचे दबने लगेंगे। आपको अपनी तरफ से बेहतरीन काम करना है और आने वाले परिणाम के लिए तैयार भी रहना है। आपके आसपास रहने वाला प्रत्येक इंसान आपसे एक अलग प्रकार की उम्मीद रखता है,ऐसे में आप सभी की उम्मीदें पूरी नहीं कर सकते। आपको सिर्फ वही काम करना है जिसमें आपके सफल होने की संभावना ज्यादा है और जो आपके लिए बेहद जरूरी है।

उम्मीद करता हूं आज के बाद आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते वक्त इस तरह का कोई भी दबाव महसूस नहीं करेंगे और पूरी इमानदारी से अपनी मेहनत पर फोकस करेंगे।

धन्यवाद !‌

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