आत्मनिर्भरता – सफलता का एक मूलमंत्र (Learn The Art Of Self Sufficiency )

नमस्कार दोस्तों,

Learn The Art Of Self Sufficiency:- देश में चारों तरफ आत्मनिर्भर होने की बात चल रही है और लोग आत्मनिर्भर भी हो रहे हैं। आज के इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि व्यापारिक जीवन में और व्यवहारिक जीवन में आत्मनिर्भर बनने की कला होती क्या है? और इसका फायदा क्या होता है ?

1. Why Being Self Dependent Is Important ? –

देखो मित्रों आप जिंदगी में जितना ज्यादा आगे बढ़ना चाहते हैं, जितनी ज्यादा कठिनाइयों से लड़ना चाहते हैं आपको उतना ही आत्मनिर्भर बनना होगा अर्थात उतनी ही ज्यादा चीजें सीखनी होंगी। इंसान के आत्म निर्भर बनने का सबसे अच्छा रास्ता होता है ज्यादा से ज्यादा ज्ञान अर्जित करके ज्यादा से ज्यादा चीजें स्वयं सीखी जाए । अगर आप बिजनेसमैन है तो यह बिल्कुल नहीं सोचना है कि सारी चीजें खुद ही सीखने बैठना है बल्कि आपको वह सारी चीजें सीखनी है जिससे अगर कल को आपका साम्राज्य खत्म हो जाए तो आप वापस से उसे खड़ा कर सको । आपको लोगों से सलाह लेनी चाहिए और उन पर विचार भी करना चाहिए, परंतु कुछ भी करने की जब बात आए तो आपके अंदर वह क्षमता और आत्मविश्वास होना बहुत जरूरी है कि आप अकेले उस चीज के लिए खड़े हो सकें।

2. Is Taking Suggestions Dependency ?

जब भी आप अपने काम की शुरुआत करते हैं तो हो सकता है आपको लोगों से सलाह लेनी पड़े मशवरा करना पड़े परंतु आपके अंदर वह आत्मविश्वास झलकना चाहिए कि लोगों को लगे आप किसी के ऊपर निर्भर नहीं है । किसी रास्ते पर चलते हुए लोगों से उस रास्ते में आने वाली गड्ढों के बारे में जानना बिल्कुल बुरी बात नहीं है बल्कि वह लोग आपको गड्ढों से बचाएंगे यह आपके आत्मनिर्भर बनने में सबसे बड़ी समस्या है। इसलिए मैं हमेशा अक्सर कहता हूं कि आप लोग सीखने पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दें क्योंकि जितना ज्यादा आप सीखते हैं आप उतना ही आत्मनिर्भर बनते जाते हैं ।
आपका का बिजनेस हो या फिर सामान्य जीवन, जब भी आपके सामने बड़ी से बड़ी समस्याएं आएं तो कोशिश करें स्वयं उनसे लड़े और चीजों को सीखे। हर एक समस्या से खुद खड़ा होकर लड़ने की जो आदत है यही आत्मनिर्भर बनाने की सबसे बड़ी कुंजी होती है।

3. Impact on Self Confidence –

जब आप परेशानियों से लड़ कर निपट लेते हैं तो आपके अंदर एक अजीब प्रकार की खुशी आती है और आपका आत्मविश्वास ऊपर की तरफ बढ़ने लगता है । जिसने अपने जीवन में स्वयं परेशानियों से लड़ना नहीं सीखा और ना ही दर्द का अनुभव किया वह कभी भी चैंपियन नहीं बन सकता ।
एक छोटा सा उदाहरण बताता हूं कि अगर किसी औरत को पिछले 20 साल से रोटियां बनानी आती है ,और उसकी रोटियों को एक कुत्ता लेकर चला जाता है तो वह औरत और रोने नहीं बैठती है बल्कि तुरंत अपने लिए और रोटियां बना लेती है । वहीं अगर एक ऐसी औरत है, जो अक्सर लोगों से मांग कर खाती हैं। हालांकि जीवन तो उसका भी चल रहा है परंतु अगर उसकी रोटियां कुत्ता ले जाए तो वह बैठकर रोने के अलावा कुछ नहीं करती क्योंकि उसने कभी सीखा ही नहीं कि रोटियां बनाई कैसे जाती हैं।

4. Real Life Example –

ऐसे बहुत सारे उदाहरण हमने देखे होंगे कि उनकी बड़ी बड़े बिजनेस चौपट हो जाते हैं परंतु वह अपने आत्मविश्वास और अपनी आत्मनिर्भरता के दम पर उनको वापस खड़ा कर लेते हैं । आत्मनिर्भर बनने के बाद इंसान को कठिनाइयों से लड़ने की आदत लग जाती है । दुनिया के सबसे ज्यादा क्रांतिकारी बिजनेसमैन एलोन मस्क भी बहुत बार असफलता का मुंह देख चुके हैं,परंतु हर बार वह आत्मनिर्भर होने की वजह से उठ खड़े होते हैं ।
जिस तरह बिजनेस में स्वावलंबन की आवश्यकता होती है उसी प्रकार व्यवहारिक जीवन में भी यह बहुत काम आता है । पिछले कुछ दिनों में अपनी बहन के साथ घर से बाहर रहा था तो मुझे यह बात बहुत अच्छे से समझ आ गई ‌। हम दोनों को ही खाना बहुत अच्छे से बनाना आता था अर्थात हम उस कार्य में पूरी तरह आत्मनिर्भर थे इसलिए हमें कभी भी एक दूसरे का इंतजार करके भूखा रहना नहीं पड़ा ।
कुछ महीने पहले मैंने एक कंपनी में काम किया तो उस वक्त मैंने लगभग वहां पर होने वाले सभी कामों को सीख लिया था जिनकी मुझे जरूरत भी नहीं थी ‌। से कुछ समय बाद मुझे सुपरवाइजर बना दिया गया तब मुझे पता चला कि मैंने जितना भी सीखा है वह मेरे आज काम आ रहा है । वहां पर जब भी किसी काम को करने वाले ऑपरेटर की तबीयत खराब होती थी या किसी कारण वो कंपनी नहीं आ पाता था, तो मेरा वह काम नहीं रुकता था क्योंकि मैं स्वयं उस काम को कर लेता था ।

5. Physical  And  Mental Independence –

जैसे आपको व्यापारिक और व्यावहारिक जीवन में आत्मनिर्भर बनना है, वैसे ही आपको मानसिक स्तर पर और शारीरिक स्तर पर भी आत्मनिर्भर बनना है । आपको अपने मन को बिल्कुल अकेले में भी अपना काम पूरी तत्परता से करने की आदत डाल लेनी चाहिए । आपको जीवन में उतना योगाभ्यास और व्यायाम तो करना ही चाहिए जिससे जिससे आपका शरीर बीमारियों के प्रति आत्मनिर्भर बन सकें । आपको किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए हर बार दवाई की आवश्यकता ना पड़े ।
देखिए जो बच्चे अक्सर बंद कमरों और धूप से दूर एसी की ठंडी हवा में सोते हैं उन बच्चों को अक्सर जुखाम बुखार जैसी समस्याएं बहुत अधिक होती हैं,परंतु वही कच्चे घरों और गलियों में कड़ी धूप में खेलने वाले बच्चों को यह सारी चीजें बार-बार नहीं होती हैं । क्योंकि कड़ी धूप में और अलग-अलग तापमान में लगातार रहने पर उनका शरीर अपने आपको उन चीजों से लड़ने के लिए आत्मनिर्भर बना लेता है ।

6. How To Be Self Dependent –

आपने स्कूल टाइम में छोटी कक्षाओं में स्वाबलंबन की पुस्तक तो देखी होगी परंतु उस विषय को कभी ध्यान से पढ़ा नहीं होगा और ना ही कोई अध्यापक पढ़ाना चाहता है । एक वक्त में इंसान अगर स्वाबलंबन सीखा हुआ होता है ,‌चाहे उसके पास दुनिया की और शिक्षा ना हो वह बड़ी से बड़ी समस्या में भी अपने आप को संभाल लेता है । हमारे पाठ्यक्रम में उन पुस्तकों को विशेष कारण से ही रखा गया है जिससे बचपन से ही बच्चों में स्वाबलंबन या फिर आत्मनिर्भर बनने की भावना विकसित हो परंतु उस वक्त हम ध्यान नहीं देते हैं । आप जानते हैं कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती इसलिए आप जब भी हैं जैसे भी हैं बस सीखना शुरू कर दीजिए और जीवन में आत्मनिर्भर बनने की तरफ अपना कदम बढ़ाए ।

अपने शब्दों को विराम देने से पहले मैं इतना ही कहना चाहूंगा जो लोग अकेले में अपना काम करते हैं, वो लोग अक्सर सबसे ज्यादा आत्मनिर्भर पाए जाते हैं ।

धन्यवाद !

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