जीवन में योग्य इन्सान कैसे बने ! The Art Of Getting Good Human Being Hindi

नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों हम देश के विकास के बारे में सोचते हैं,अपने समाज और अपने राज्य के विकास के बारे में सोचते हैं परंतु इन सभी का विकास तभी संभव है जब इंसान स्वयं का विकास सही से करें । मेरे यहां पर विकास शब्द का इस्तेमाल करने का आशय है,अपने आप की क्षमताओं को बढ़ाना और अपनी बुद्धि को समय के अनुसार विकसित करना । आज प्रत्येक व्यक्ति के लिए स्वयं पर शोध करना और विकास करना अत्यंत महत्वपूर्ण है ।‌
आप समय के साथ जितना शोध स्वयं पर करते हैं और नई चीजों को सीखने के लिए अपना महत्वपूर्ण समय देते हैं, आप किसी भी कार्य के लिए उतने ही अधिक योग्य बन जाते हैं। आज किस Blog में, मैं आपको किसी भी काम के योग्य बनने के बारे में बताऊंगा और उसकी आवश्यकता क्यों होती है? इसके बारे में भी बात करूंगा। इसी के साथ आपको यह भी देखने को मिलेगा कि एक योग्य इंसान के लक्षण क्या होते हैं?

➥ Who Is Responsible ?

दोस्तों जीवन में बड़ा बनने और बड़ी सफलताओं को छूने में सबसे बड़ी रुकावट दुनिया नहीं होती बल्कि हम खुद होते हैं ।
आपके लिए यह मायने नहीं रखता कि आप लोगों के लिए क्या सोचते हैं और क्या करते हैं,वह आपके व्यवहार का एक हिस्सा है । औरों के लिए किया गया कर्म आपके चरित्र को बनाता है जबकि स्वयं के लिए किया गया कर्म आपको जीवन में ऊपर उठाता है । आप कितना समय खुद को बेहतर बनाने में उपयोग लेते हैं यह महत्वपूर्ण होता है, आप स्वयं पर कितना इन्वेस्टमेंट करते हैं यह महत्वपूर्ण होता है । आप लोगों के लिए कितनी तकलीफ सहते हैं, इससे आपका जीवन बेहतर नहीं बनता बल्कि आप खुद के लिए कितनी मुश्किलों से लड़ते हैं, कितनी तकलीफ सहन करते हैं इससे आपका जीवन बेहतर बनता है। दोस्तों बड़ी से बड़ी तकलीफ हो तो और चुनौतियों को वही इंसान उठाता है जिसको अपने में बदलाव लाने की तड़प होती है ।

➥ Right Investment For You –

दोस्तों मैंने एक बात सुनी थी कि ज्ञान को प्राप्त करने में किया गया इन्वेस्टमेंट सबसे ज्यादा मुनाफा देता है । खुद को बेहतर बनाना है तो आपको समय और पैसा दोनों का इन्वेस्टमेंट करना ही होगा। जो लोग ज्ञान में निवेश करते हैं तो वह लोग दुनिया के लाखों लोगों से आगे निकल जाते हैं । ऐसा करने पर आप लोगों का उदाहरण बनेंगे और लोग आपसे सीखना चाहेंगे कि आप जीवन में आगे कैसे बढ़ रहे हैं।
जिस प्रकार लगातार व्यायाम करने से हमारा शरीर मजबूत होता जाता है, उसी प्रकार लगातार अपने आप पर रिसर्च करने और ज्ञान प्राप्त करने से हमारी योग्यता भी बढ़ती जाती है । दोस्तों हम काम करने के लिए जिस हाथ का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करते हैं उसकी मांसपेशियां दूसरे हाथ की बजाए ज्यादा मजबूत होती है। ठीक उसी प्रकार हम जीवन में जिस भी विषय पर लगातार मेहनत करते हैं हमारा वह विषय अपने आप में मजबूत हो जाता है। आपको जहां पर भी जीवन में कमजोरी महसूस होती अर्थात जिस भी काम में आप कमजोर हैं उस काम को लगातार अभ्यास में लेकर आना है । अगर आपको बोलने में दिक्कत आती है तो आप लगातार बोलने का अभ्यास करें, अगर आपको लिखने में किसी प्रकार की दिक्कत महसूस होती है तो आप लगातार लिखने की प्रैक्टिस करें, आप लोगों की भीड़ के सामने प्रेजेंटेशन देने में डर जाते हैं तो फिर आप को प्रेजेंटेशन देने की ही प्रैक्टिस करनी चाहिए।

➥ The Phase Of Learning –

दोस्तों किसी भी क्षेत्र में अपनी योग्यता बढ़ाने के लिए आपको उससे संबंधित चीजें स्वयं सीखने पर जोर देना चाहिए। दोस्तों अगर आपने अपनी क्षमताओं का सही इस्तेमाल करते हुए कोई निर्णय लिया है और पूरे दृढ़ विश्वास से उस पर आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपको लोगों की परवाह नहीं करनी क्योंकि लोग आपका मजाक भी उड़ा सकते हैं, लोग आप पर ताने भी मार सकते हैं और लोग आप पर हंस भी सकते हैं। दोस्तों जब भी आप के आस पास कोई व्यक्ति अपनी गलतियों की वजह से किसी का में नाकामयाब हो जाता है तो अक्सर हमारे अंदर भी उस पर हंसने की और उसका मजाक उड़ाने की भावनाएं बढ़ने लगती है। हालांकि हमें उसके काम के बारे में और उसके निर्णय के बारे में ज्यादा कुछ मालूम नहीं होता फिर भी हम अपनी सलाम उस पर थोपने का प्रयास करते हैं। हम सब लोगों की बेवकूफी ऊपर हंसते हैं और उम्मीद करते हैं कि लोग हमारी गलतियों पर ना हंसे । दोस्तों आपको असफलता का मुंह भी देखना पड़ सकता है और आप बेवकूफियां भी करेंगे परंतु उनमें सुधार करके ही आप जीवन में आगे बढ़ पाएंगे,क्योंकि अगर आपने लोगों की तानों से अपने काम से मुंह फेर लिया तो फिर आप किसी भी काम के योग्य नहीं रहेंगे।

➥ Perfaction v/s Progression –

दोस्तों योग्यता कोई पेड़ पर लगने वाले फल की तरह नहीं है बल्कि यह तो हमारी मेहनत, हमारी स्किल्स, हमारी बुद्धि, हमारा ज्ञान और हमारा अनुभव इन सब चीजों के Combination से बनती है। हमारे किसी भी काम में योग्य होने की क्षमता हमारी इन सभी चीजों पर मजबूत पकड़ को दर्शाती है। योग्य होने का तात्पर्य किसी भी प्रकार संपूर्णता से नहीं होता है, क्योंकि कोई भी व्यक्ति किसी काम में कभी भी पूर्ण रूप से परफेक्ट नहीं हो सकता। चीजों को लगातार सीखते रहना और समय-समय पर उनमें सुधार करना भी योग्यता का एक अहम हिस्सा होता है। योग्य इंसान अपना दिमाग खुला रखता है और अपनी गलतियों को सुधार कर उनसे सीखने का जज्बा भी रखता है।

➥ Actual Eligible Person –

▶ एक योग्य मानव का ज़हन पूरी तरह क्लियर होता है कि उसको किन चीजों को सीखना है और किन चीजों को नहीं सीखना है। ऐसा इंसान केवल उन्हीं चीजों पर अपना वक्त लगाता है और उनको Improve करने की कोशिश करता है जो उसके जीवन में लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अहम भूमिका में होती हैं।

▶ योग्य मनुष्य कभी भी इस चीज पर ध्यान नहीं देता कि उसके द्वारा प्राप्त किया जाने वाला ज्ञान कहां से मिल रहा है बल्कि वह केवल इस चीज पर ध्यान देता है कि वाकई में वह ज्ञान उपयोगी है अथवा अनुपयोगी है। सीखने वाले इंसान के लिए वक्त, सिखाने वाला इंसान, जगह और परिस्थितियां मायने नहीं रखती हैं।

▶ एक योग्य मनुष्य कभी भी जीवन में आने वाली चुनौतियां और जिम्मेदारियों से अपना मुंह नहीं मोड़ता है बल्कि पूरे Courage के साथ अपने कंधों पर उठाता है। जीवन में आने वाली चुनौतियां और उसको सुपुर्द किए गए काम कभी भी उसको वजन नहीं लगते बल्कि अपनी Responsibility लगते हैं। एक योग्य नौकर कभी भी अपने काम को नौकर की दृष्टि से नहीं देखता है बल्कि वह उस काम को मालिक की सोच से करता है। कोई भी इंसान जन्मजात योग्यताओं के साथ पैदा नहीं होता बल्कि इसी संसार में आकर के सीखता है और उसके सीखने में उसके द्वारा विकसित किया गया दृष्टिकोण अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Thank You !

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