How to Get Rid From Average Life ?

Getting Rid From Average Life

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नमस्कार दोस्तों, आप में से बहुत सारे ऐसे लोग होंगे जो सामान्य जीवन जी रहे हैं परंतु जीना नहीं चाहते हैं। मेरा कहने का मतलब है कि इस दुनिया के अंदर कुछ लोग तो अपनी हर प्रकार की इच्छा और पसंदो को पूरा कर लेते हैं परंतु कुछ लोग सामान्य सा जीवन जीते रहते हैं। आप जिस भी प्रकार का जीवन जी रहे हैं उसके पीछे आपके कर्मों का और आप जिस जगह रहते हैं उसका बहुत बड़ा योगदान होता है। आज के इस Blog में हम जानेंगे कि कैसे हम लोग सामान्य जीवन से निकलकर वह जीवन जी सकते हैं जिसके हम अक्सर सपने देखते हैं। How to get rid from average life.

An story of a shopkeeper-

काफी समय पहले एक गांव में रामलाल नाम का एक लड़का रहता था। उस लड़के ने अपने गांव में एक छोटी सी दुकान खोली हुई थी। वह पूरे दिन मेहनत करता और केवल इतना ही कमा पाता कि अपना और अपने परिवार का पेट भर सके। उसके द्वारा की गई मेहनत से जो पैसा आता उससे केवल उसके सामान्य जरूरत ही पूरी हो पाती। इन कमाए गए पैसों से ना तो अपने खुद के शौक पूरे कर पाता ना ही अपने बच्चों और परिवार के शौक पूरे कर पाता था। वह इन चीजों को सोच सोच कर काफी परेशान रहता और कोशिश करता कि इस मजबूरी से बाहर निकले। एक दिन रामलाल अपने पिताजी से इसी विषय पर बात कर रहा था। उसने अपने पिताजी से कहा कि मैं जिस जिंदगी को जी रहा हूं मुझे यह बिल्कुल भी पसंद नहीं है। मैं इस जिंदगी से बाहर आना चाहता हूं और कुछ बड़ा करना चाहता हूं। रामलाल के पिताजी ने मुस्कुराकर उसकी तरफ देखा और कहा कि जैसा तुम चाहते हो वैसा ही होगा। उसके पिता ने उसको सुझाव दिया कि आसपास की दुकानों पर शहर की चीजें काफी कम दिखाई देती है। रामलाल को शहर जाना चाहिए और वहां से चीजें खरीद कर अपनी दुकान पर बेचनी चाहिए। उपलब्धता की कमी के कारण अधिकतर लोग उसी की दुकान से चीजों को खरीदेंगे जिससे उसकी ज्यादा कमाई होगी और उसके पास ज्यादा पैसा आने लगेगा।
रामलाल ने बड़ी मायूसी से अपने पिताजी की तरफ देखा और कहा कि शहर तो यहां से काफी दूर है। शहर जाने में तो काफी परेशानी उठानी पड़ेगी और समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। अगर मैं किसी दिन लेट हो गया तो क्या पता मुझे लुटेरे लूट ले या फिर मुझे मार दे। उसके पिताजी ने उसे कहा कि बेटा मैंने तुम्हें अमीर बनने का सीधा रास्ता बताया है। अगर अमीर बनना इतना ही आसान होता तो सभी लोग अमीर होते। अब तुम्हें ज्यादा पैसा चाहिए ज्यादा सुख सुविधा चाहिए तो उसके लिए कुछ मेहनत तो करनी ही पड़ेगी।

Ultimate moral of the story –

दोस्तों रामलाल शहर गया या नहीं गया यह एक अलग बात है परंतु यह कहानी हमें सच्चाई बताती है। आपके सपने तो बड़े बड़े होते हैं परंतु आप कठिनाइयों में से गुजरना नहीं चाहते। आपको बड़े लोगों की केवल शोहरत दिखाई देती हैं उसके पीछे कितनी कठिनाइयों और परेशानियों का सामना करना पड़ता है वह सब आपको नहीं पता होता। आपने एक बात सुनी होगी कि जिसकी जितनी औकात होती है उसे उतना ही मिलता है। अगर आप सच्चे दिल से मेहनत कर रहे हैं और अभी तक आपको कुछ नहीं मिला है तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपको सही वक्त पर सही चीजें जरूर मिलेंगीं। अगर आपको लगता है कि आप सब चीजों का आनंद उठाते हुए जीवन में कुछ बड़ा हासिल कर लेंगे तो फिर इसके लिए आपको किसी करोड़पति के घर पैदा होना होगा। आपकी इच्छाएं और आदतें आपकी परिस्थितियों के अनुसार ही होनी चाहिए। आपके घर में दो वक्त का खाना मुश्किल से पैदा होता है और आप शौक अमीरों वाले रखते हैं। अगर आपको उस ऊंचाई तक पहुंचना है जहां जाकर लोग आपको अपनी शोहरत का दिखावा करते हैं तो फिर आपको उससे पहले की जाने वाली मेहनत में डूबना पड़ेगा।

Comparison always kills our motivation-

मित्रों जब भी आप को लगे की आपके साथ वाले या फिर आसपास के लोग आप से बेहतर और आनंद देने वाले शौक पूरे कर रहे हैं तो इसमें मायूस होने की कोई जरूरत नहीं है। आपको प्रैक्टिकल रूप से अपने परिवार और अपने खुद की परिस्थितियों को उनकी परिस्थितियों से compare करना होगा। वह जो भी चीजें करते हैं या तो वह पहले उसके लिए बहुत ज्यादा मेहनत कर चुके हैं या फिर उनको वह चीजें विरासत में मिली है। अब आप अपने आप को ऐसे इंसान से compare करोगे तो फिर आप से बड़ा कोई बेवकूफ नहीं है। अपनी परिस्थितियों को समझना और उनके अनुसार जीवन जीना तथा मेहनत कर उन परिस्थितियों से बाहर निकलने का सोचना ही असली समझदारी है। आप की परिस्थितियां कभी भी जीवन की सभी सुख-सुविधाओं पर Tick Mark करने की अनुमति नहीं देती है। आप बार-बार ऐसे लोगों से तुलना करके अपने दिल और दिमाग को Demotivate करने का बहुत बड़ा पाप करते हो।

Action In Brutal Conditions –

मित्रों जीवन में कभी कभी ऐसी परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ सकता है जो वाकई में दिल दहला देने वाली होती है। ऐसी परिस्थितियों में आपका दिल और दिमाग पूरी तरह काम छोड़ जाता है और यह किसी भी प्रकार गलत नहीं है। प्रत्येक इंसान की अपनी अलग अलग सीमाएं होती हैं और उसी के अनुसार वह परिस्थितियों पर React करता है। समस्या तब बढ़ जाती है जब हम इन परिस्थितियों का सामना करने की बजाय इन में उलझ जाते हैं और केवल कोसना शुरू कर देते हैं। अगर आपको किसी चीज से दर्द हुआ है तो आप जी भर कर रो सकते हैं, अपने लोगों के साथ दुख प्रकट कर सकते हैं, कुछ समय के लिए संभव हो तो ऐसी चीजों से दूर जा सकते हैं परंतु उनका सामना करने से इनकार करना और केवल सोचते हुए दुखी होना एक मूर्खतापूर्ण फैसला होता है। सामान्य जीवन से ऊपर उठने के लिए इन सभी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। इसलिए लोगों के जीवन की चकाचौंध से नजर हटा कर अपनी औकात पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और मेहनत करके उस औकात को बदलने की कोशिश करनी चाहिए।

Thanks

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