अपने लक्ष्य पर रोजाना कठोर परिश्रम कैसे करें ? How To Be Consistent At Your Goal ?

नमस्कार दोस्तों,

How To Be Consistent At Your Goal:– हम हमारे लिए जो Vision(Goal), Decide करते हैं आखिर हम उनके लिए रोज कठिन परिश्रम क्यों नहीं कर पाते हैं ? हम जो सपने देखते हैं, हम जो प्लान बनाते हैं, आखिर ऐसा क्या होता है कि वह बगल में रखे रह जाते हैं और समय गुजर जाता है। प्रिय मित्रों आज मैं इसी चीज के बारे में आपसे और विस्तार से बात करने वाला हूं। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि आपको बिल्कुल आसान भाषा में चीजों को समझा पाओ और आपको ऐसा लगे कि मैं सीधा आपसे ही बात कर रहा हूं ।

⟿ The Power Of Consciousness –

मित्रों हमारे जीवन में काफी सारी चीजों को नियंत्रित करने का काम हमारी चेतना करती है। अगर हमारी चेतना एक्टिव है तो हमारे अंदर टालमटोल करने की आदत है बिल्कुल भी नहीं होंगी। हमारे साथ अक्सर ऐसा होता है कि हम पूरा दिन प्लान करते हैं और फिर जैसे ही सुबह जागते हैं तो हमारा एक अलग ही रूटीन चल रहा होता है।

दोस्तों जॉर्डन पीटरसन इसके बारे में बड़ी विस्तार से समझाते हैं कि जीवन में एक्टिव रहने के लिए चेतना का बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण रोल है। हमारे रोजाना के जीवन में छोटी-छोटी चीजों को इग्नोर करना शुरु करते हैं और इसका प्रभाव फिर हमारे बड़े Plans पर भी दिखाई देता है।
हम सुबह जागते हैं और अपना बिस्तर तक सही नहीं करते। हमारे कमरे में हमारे कपड़े फैले हुए रहते हैं और तमाम ऐसी चीजें इधर-उधर पड़ी होती हैं, जिन पर हम कभी ध्यान ही नहीं देते और एडजस्ट करते रहते हैं। दोस्तों यह छोटी-छोटी चीजों को इग्नोर मारने की मानसिकता बड़े स्तर पर भी विकसित होने लगती है। यह सामान्य से चीजों पर आपका कोई फर्क नहीं पड़ता है अगर आप उनको टाल देते हो परंतु जब यह आदत एक लेवल तक चली जाती है तो फिर आपकी जिंदगी में बर्बादी का दौर शुरू हो जाता है। आपके छोटे छोटे Behaviour Organis ना होने की वजह से आपकी पूरी मानसिकता ही Unorganised हो जाती है। इस तरह छोटी छोटी चीजों को Ignore करना, आपके दिमाग को Condition कर देता है कि आप अपने काम को Ignore कर सकते हो। इस तरह से आपके Ignorant Behaviour का Pattern बन जाता है,जो फिर आपको बड़ी चीजों में भी देखने को मिलता है।

⟿ The Birth Of Comfortness –

जीवन की सामान्य से चीजों को Ignore करने पर आपके अंदर Comfort पैदा हो जाता है, मतलब आप Adjustment करने लगते हो।
इसके बाद आपको रिश्तो में दिक्कत पैदा हो रही है, आपके कैरियर में दिक्कत पैदा हो रही है या फिर किसी काम में दिक्कत पैदा हो रही है आप उस वक्त भी Adjust करने की ही कोशिश करते हो और चीजों का Solution ढूंढने की जगह उनको टाल देते हो। धीरे-धीरे हमारी Compromise करने की आदत ही बन जाते हैं | जैसे ही आपके जीवन में Compromise नाम का शब्द आता है आप अपनी सोचने की स्वतंत्रता, बड़े और अच्छे निर्णय लेने की ताकत, सपनों को पूरा करने का जोश सब कुछ खो देते हो।

इसको एक उदाहरण की सहायता से समझने का प्रयास करते हैं-एक इंसान महीने में लगभग ₹10000 कमाता है और वह इंसान इन ₹10000 में से भी अच्छी Saving करने की आदत बना लेता है। अगर ऐसा इंसान कुछ समय बाद करोड़ों रुपए कमाएगा तब भी वह पैसों को अनावश्यक खर्च करने की बजाय ज्यादा से ज्यादा अपने काम पर Invest कर पाएगा और अपने लिए बचा भी पाएगा। वहीं अगर एक इंसान ₹10000 को Manage नहीं कर सकता फिर वह करोड़ों रुपए कमाने पर भी उनको मैनेज नहीं कर पाएगा। जब आप छोटी चीजों पर नियंत्रण करना सीख जाते हैं तब बड़ी चीजें भी काबू करना आ जाती हैं।

⟿ How To Improve Your Level Of Productivity –

तुम्हें अगर बड़े स्तर पर Productive बनना है तो छोटे स्तर पर Productive बनना शुरू कर दो अर्थात सुबह जागने के बाद आज से ही अपना बिस्तर बनाना शुरू कर दो। अपने आसपास फैली हुई चीजों को संभालना शुरू कर दो। रोज अपना बाथरूम साफ करना शुरू कर दो। देखो मैं जो बता रहा हूं,वह अजीब लग सकती है परंतु यहीं से शुरुआत होती है, Adjustment को खत्म करने की। तुम्हें अपने आसपास का माहौल Organise करना ही पड़ेगा, अपने मन में चीजों को करने की आदत डालनी पड़ेगी। इसके बाद तुम अपने जरूरी कामों में भी धमाल मचाने लगोगे क्योंकि तुमने चीजों को अपने मन से करना सीख लिया है।

इसको और सामान्य तरीके से समझते हैं-आप पिछले 1 महीने से सुबह जाकर 10 मिनट भी पढ़ाई नहीं करते हो और जवाब की परीक्षाएं सर पर आती है तो आप सीधा 10 घंटे पढ़ने की सोचते हो। अपवाद की बातें ना करें तो अक्सर ऐसा हो ही नहीं पाता। नहीं तो हमारा ध्यान पढ़ाई नहीं लगता है और ना ही हमारा मन केंद्रित हो पाता है। वहीं अगर आप पिछले 1 महीने से रोजाना सुबह जल्दी जाकर 10 मिनट, 20 मिनट या फिर 30 मिनट पढ़ने की आदत डाल रहे हो, तो बहुत ज्यादा Chances है कि आप परीक्षाओं से पहले घंटों बैठकर पढ़ाई कर सको ।

⟿ Development Of Positive Habits –

देखिए बिल्कुल ही सीधी बात है जब आपके अंदर चीजों को ना करने की आदत विकसित हो चुकी है , फिर चाहे आपके सामने कोई बिल्कुल आसान काम हो या फिर बहुत कठिन काम हो ,आप उसमें Adjustment कर ही लेंगे परंतु यदि आपके अंदर आदत है, छोटी-छोटी चीजों को करने की तो आप फिर बड़ी चीजों को बिना टालमटोल के करना शुरू कर देते हो।

अब आप सोच रहे होंगे कि यह सुबह-सुबह बिस्तर बनाना और फिर अपना बाथरूम साफ करना इस सबका हमारी सफलता से क्या लेना देना है। बार-बार बिस्तर बनाने की कहा जा रहा है इसके पीछे का लॉजिक क्या है आखिर?
देखिए जब सुबह आप जगते हैं, तो आपके दिन की शुरुआत होती है। अगर हमारा दिमाग सुबह से जागते ही चीजों को करना शुरू कर देता है तो उसका हमारी Consciousness पर Positive Impact आता है। ऐसा करने से एक प्रकार का आत्मविश्वास पनपता है जो पूरे दिन बना रहता है और हम किसी भी काम को कल पर नहीं टालतें हैं। इसका एक Extra Benifit यह मिलता है, कि हमारी खुद के काम , अपने मन से स्वयं करने की अच्छी आदत बन जाती है ।

⟿ Create And Identify Your Flow State –

दोस्तों अंत में मैं आपको काम करने की Flow State के बारे में थोड़ा सा बता देता हूं बाकी किसी अन्य ब्लॉग में हम इस पर विस्तार से बात करेंगे।
दोस्तों कई बार ऐसा होता है कि आप किसी काम को कर रहे होते हैं, और आपको ना ही टाइम का कुछ पता चलता है, ना ही आपको थकान होती है और आप उस काम में पूरी तरह डूब जाते हैं। जब भी किसी काम को करते वक्त ऐसी परिस्थिति उत्पन्न होती है तो उसको Flow State कहा जाता है। दोस्तों जब इंसान Flow State में होता है तो उसके प्रोडक्टिविटी 500% तक बढ़ जाती है। दोस्तों हमारा Flow State तभी आता है जब हमारा काम हमारी भावनाओं से जुड़ा होता है और हमारे पास में कोई Distractions नहीं होते हैं। चीजों को टालने के बजाय आप अपनी Flow State का पता लगाएं और उस पर काम करें।

मुझे पूरी उम्मीद है कि आप लोग आज से ही छोटे-छोटे काम इग्नोर करने की बजाय समय पर करने की कोशिश करेंगे और जीवन में एक नए और अच्छे बदलाव को निमंत्रित करेंगे।

Thank You !

Read More Articels>>

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *