Getting Rid From Frustration In Life PART -2 || जीवन से निराशा कैसे खत्म करें भाग -2

नमस्कार दोस्तों, आपने इससे पहले वाले भाग में काफी सारी चीजों को समझा होगा कि किस तरह हम जिंदगी में परेशानियों के चक्रव्यूह में फंस जाते हैं और सबसे कीमती मानव जीवन के मूल्य को नहीं समझ पाते हैं। लंबे समय तक नकारात्मक मानसिकता के कारण कुछ शारीरिक और मानसिक बीमारियों का भी शिकार हो जाते हैं। मानसिक तौर पर हमारी सोचने की शक्ति कुंठित हो जाती है तो उसके लिए हमको चिकित्सक परामर्श के साथ-साथ जिंदगी की वास्तविकता से भी रूबरू होना पड़ता है। आपने सुना होगा कि हर चीज की दवाई होती है तो आपको कुछ समझ की जरूरत है और कुछ वक्त की भी। इस प्रस्तुति में आपको पहुंचने में इतना वक्त लगा,आप उससे केवल कुछ दिन में बाहर नहीं आ सकते इसलिए आपको सब्र रखने की आवश्यकता है। आपको पूरे साहस और जज्बे के साथ अपने मन और शरीर को एक बार फिर से जिंदगी की मैदान-ए-जंग में खड़ा करना पड़ेगा। Getting Rid From Frustration 

Channelize Your Energy –

जितनी नकारात्मक ऊर्जा आपके जीवन में फैली हुई है उसको आपको ही Channelize करना है। आपके द्वारा महसूस की जाने वाली नकारात्मकता एक प्रकार की ऊर्जा ही है। आपको इस ऊर्जा को अपनी बुद्धि और विचारों के बल पर सकारात्मक रूप देना होगा। जिस दिन आपने अपनी उर्जा को सही रास्ते पर ला दिया आप उसी दिन से जीवन में एक नए आयाम को छूने के काबिल हो जाएंगे। आपको लग रहा होगा कि आपकी परिस्थिति सबसे अलग है, परंतु दोस्तों मैंने हजारों लोगों को अपना वक्त बदलते देखा है। आप जो जीवन जी रहे हैं वह खराब नहीं है,बल्कि जो वक्त है वह खराब है,जिसको कि आप आसानी से बदल सकते हैं। आपको खुद से पूछना होगा कि,क्या मैं वाकई जीवन में कैद हूं या फिर खुद के काल्पनिक विचारों द्वारा बनाई गई परिस्थितियों में। मनुष्य केवल दो ही तरीकों से अपने जीवन में कैद हो सकता है।

Conditions When You Stuck In Your Life –

  • पहली परिस्थिति यह है कि आपका मन आपकी बुद्धि और आपका विवेक जिंदा है,परंतु आपका शरीर खत्म हो चुका है। आपके विचार और आप का जज्बा तो आपका साथ देता है परंतु आपके शरीर में आपका साथ छोड़ दिया है। आप अपने कमरे में अपने बिस्तर पर पड़े हो और दुनिया में हर चीज को देख पा रहे हो और समझ पा रहे हो परंतु आपका शरीर आपके विचारों की तरह मजबूत नहीं है।
  • दूसरी परिस्थिति यह है कि आपका शरीर तो ऊर्जा से भरा हुआ है, परंतु आपकी बुद्धि और आपका विवेक आपका साथ छोड़ चुका है। आपके दिमाग में नकारात्मक भावनाओं और विचारों ने अपना कब्जा जमा लिया है। आपका शरीर ऊर्जा से भरा हुआ और पूरी तरह हष्ट पुष्ट है परंतु मानसिक तौर पर आप अपना बुद्धि और विवेक खो चुके हैं।आपके शरीर की ऊर्जा विचारों को सही दिशा ना मिलने की स्थिति में बर्बाद हो रही है और आप जीवन में उलझ जाते हैं।

Intangible Learnings –

परंतु जिस तरह की परिस्थिति आपके सामने है वह कुछ क्षण अथवा समय के लिए है। केवल कुछ क्षण का दुख और बुरा समय आपके पूरे जीवन को निर्धारित नहीं कर सकता। अगर वाकई आपके जीवन से चाहत और मोह खत्म हो गया है तो फिर आप सब से निडर व्यक्ति बन चुके हैं। जिस इंसान को मृत्यु का भय नहीं रहता वह जीवन में अलग-अलग प्रकार के एक्सपेरिमेंट कर सकता है। ऐसा व्यक्ति जीवन की उन संभावनाओं को भी आजमा सकता है जिसको एक सामान्य व्यक्ति नहीं समझ सकता है। आप कुछ करें या ना करें परंतु आपके शरीर में जीवन ऊर्जा हमेशा विद्यमान रहती है। अगर आप स्वयं के लिए कुछ नहीं करना चाहते हैं तो इस ऊर्जा का उपयोग जनसेवा के लिए भी कर सकते हैं। किसी नकारात्मक दिशा में ऊर्जा व्यर्थ करने से अच्छा है मानवता की भलाई के लिए इस को प्रयुक्त किया जाए।

Find Your Intention Towards Situation –

दोस्तों दो तरह के लोगों के बारे में आपको बता देता हूं। एक तो वह लोग होते हैं जो किसी भी हालात से बाहर निकलना चाहते हैं और दूसरे बोलो जो बुरी से बुरी परिस्थिति में फंस कर अपने जीवन के सभी द्वारों को बंद कर लेते हैं। इस दुनिया के अंदर जिस भी इंसान ने पूरी शिद्दत से किसी समस्या का समाधान खोजा है उसको हमेशा ही वह मिला है। जब आपका उद्देश्य ही जीवन को बेहतर बनाना है तो फिर परिस्थिति कैसी भी हो आप जीवन से ऊब नहीं सकते। परिस्थितियों के चक्रव्यूह से निकलने के लिए आपके अंदर जितनी ज्यादा इच्छा शक्ति होगी वह आपके कर्मों में दिखाई देगी। किसी भी विपरीत परिस्थिति में आपका मन कुछ करने के लिए आपको प्रेरित करेगा ही नहीं। जब आपको पर स्थिति से बाहर आना है तो फिर मन को बीच में क्यों लाते हो। अगर आप परिस्थिति से बाहर नहीं आना चाहते हो और अपने मन का बहाना भी बनाते हो तो फिर आप दोगला जीवन जी रहे हैं। आपको खुद से बात करनी पड़ेगी और सच्चाई क्या है वह समझनी पड़ेगी।

अगर आप अभी तक इस आर्टिकल को पढ़ रहे हैं तो मेरा मानना है कि आपके अंदर जीवन को बेहतर करने की इच्छा है। आपको अपनी बुद्धि और विवेक का इस्तेमाल कर जीवन ऊर्जा को सही दिशा में लगाना होगा और जीने की चाह पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

धन्यवाद !

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